सिर्फ सब्सिडी से नहीं मिलेगा हरित ऊर्जा को बढ़ावा

शुभ्रता मिश्रा

भारत में हरित ऊर्जा का उत्पाोदन बढ़ रहा है, लेकिन उपभोक्ता ओं के बीच इसके उपयोग को लेकर कई भ्रांतियां हैं और लोग कोयले जैसे पारं‍परिक ईंधनों पर ही भरोसा करते हैं। हरित ऊर्जा को लोकप्रिय बनाने के लिए उपभोक्ता ओं की इस धारणा को बदलने और इसके प्रति उनमें भरोसा पैदा करने की जरूरत है। केवल सब्सिडी देने से ही हरित ऊर्जा की ओर उपभोक्ताकओं को आकर्षित नहीं किया जा सकता। यह बात एक नए सर्वेक्षण में उभरकर आई है। हरित ऊर्जा के प्रति लोगों की धारणा का आकलन करने पर पता चला है कि उपभोक्ताओं को हरित ऊर्जा अपनाने का निर्णय लेने में वित्तीय पहलुओं के साथ-साथ कई अन्यी पहलू भी निभाते हैं।

सिंबायोसिस सेंटर फॉर मैनेजमेंट ऐंड हयूमन रिसोर्स डेवेलपमेंट (एससीएमएचआरडी), सिंबायोसिस अंतरराष्ट्री य विश्वेविद्यालय और आईआईटी-रुड़की के अध्य यनकर्ताओं के मुताबिक हरित ऊर्जा अपनाने के लिए लोगों को आकतर्षित करना है तो महज वित्तीय प्रोत्साेहन ही काफी नहीं है, बल्कि उपभोक्ताओं को भावनात्मक और सामाजिक तौर पर प्रेरित किया जाना भी जरूरी है। अध्ययन में हरित ऊर्जा के अनुमानित मूल्य (जीपीवी) को मूलत: चार कारकों कार्यात्मक मूल्य्, सामाजिक मूल्य, परिस्थितिजन्य मूल्य और भावनात्मक मूल्य के आधार पर आकलित किया गया है।

अध्यगयनकर्ताओं के अनुसार हरित ऊर्जा की स्वीिकार्यता निर्धारित करने में इसकी कार्यक्षमता, टिकाऊपन एवं कीमत जैसे आयामों के साथ-साथ उपभोक्ता ओं की सामाजिक एवं भावनात्मक पृष्ठ भूमि भी महत्वापूर्ण भूमिका निभाती है। अध्योयनकर्ताओं के अनुसार भविष्य में हरित ऊर्जा से संबंधित सशक्त रणनीति बनाने में ऊर्जा के उपभोग से जुड़े ये विभिन्नन आयाम मददगार साबित हो सकते हैं।

सर्वेक्षण से "यह बात सामने आई है कि पर्यावरण को सुरक्षित बनाए रखने में मददगार हरित ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए सिर्फ सरकारी नियम ही काफी नहीं हैं, बल्कि इसके प्रति उपभोक्तारओं में सकारात्मबक दृष्टिकोण पैदा करना भी जरूरी है। "

अध्य यनकर्ताओं की टीम में शामिल दीपक संग्राया एवं जोगेंद्र कुमार के अनुसार ऐसे कार्यक्रम और संदेश तैयार करने की जरूरत है, जो बिना किसी वित्तीनय प्रोत्सांहन के उपभोक्ता।ओं में पर्यावरण के प्रति जिम्मेकदारी का भाव पैदा कर सकें और उन्हें हरित ऊर्जा अपनाने के लिए के लिए आकर्षित कर सकें। (India Science Wire)

Latest Tweets @Indiasciencewiret