इंटर डिस्पिलेनरी विषयों पर शोध के लिए ‘कॉलेबोरेटिव रिसर्च प्लेटफॉर्म’                                                                 

      

अशोका यूनिवर्सिटी और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान(आईआईटी, दिल्ली) ने शोध एवं अनुसंधान के लिए एक साझा प्लेटफॉर्म विकसित करने के उद्देश्य से एक सहमति पत्र (एमओयू) पर किए हस्ताक्षर

शोध एवं अनुसंधान के लिए एक साझा प्लेटफॉर्म विकसित करने के उद्देश्य से अशोका यूनिवर्सिटी और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान(आईआईटी, दिल्ली) ने एक सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस संयुक्त उपक्रम को 'अशोका यूनिवर्सिटी-आईआईटी दिल्ली कॉलेबोरेटिव रिसर्च प्लेटफॉर्म' नाम दिया गया है। इसके अंतर्गत अकादमिक शोध एवं मानव संसाधन विकास जैसे क्षेत्रों से जुड़ी गतिविधियों का संचालन किया जाएगा।

इस पहल को सफल बनाने के लिए दोनों संस्थान एक संयुक्त-कोष स्थापित करेंगे। इसमें विभिन्न विषयों के अध्ययन एवं शोध से संबंधित गतिविधियों को प्रोत्साहन दिया जाएगा। इनके लिए संयुक्त रूप से ही आवेदन भी आमंत्रित किए जाएंगे। इससे शोध-अनुसंधान के क्षेत्र में उल्लेखनीय परिणामों की अपेक्षा की जा रही है। शोध-अध्ययन के लिए मुख्यतः वायु प्रदूषण और सस्टेनेबल मोबिलिटी यानी सतत् गतिशीलता, हानिकारक सूक्ष्मजीव एवं मल्टी-ड्रग प्रतिरोधी क्षमता महामारी विज्ञान, स्वास्थ्य सेवाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग का उपयोग, आर्थिक आंकड़ों, सामाजिक-आर्थिक विषयों, लैंगिक असमानता और नीतिगत विषयों जैसे तमाम अंतर-अनुशानीय (इंटर-डिस्पिलेनरी) विषयों पर प्रस्ताव आमंत्रित किए जाएंगे।


शोध एवं अनुसंधान के लिए एक साझा प्लेटफॉर्म विकसित करने के उद्देश्य से अशोका यूनिवर्सिटी और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान(आईआईटी, दिल्ली) ने एक सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस संयुक्त उपक्रम को 'अशोका यूनिवर्सिटी-आईआईटी दिल्ली कॉलेबोरेटिव रिसर्च प्लेटफॉर्म' नाम दिया गया है। इसके अंतर्गत अकादमिक शोध एवं मानव संसाधन विकास जैसे क्षेत्रों से जुड़ी गतिविधियों का संचालन किया जाएगा।

अशोका यूनिवर्सिटी की कुलपति प्रोफेसर मलाबिका सरकार ने इस पहल पर कहा, 'दोनों संस्थानों के बीच साझेदारी से ज्ञान का आदान-प्रदान होगा और इसमें अंतर-विषयक शिक्षा और सार्थक शोध परिणामों के लिए समन्वित प्रयास किए जाएंगे।'

वहीं इस पहल का स्वागत करते हुए आईआईटी, दिल्ली के निदेशक प्रो. वी. रामगोपाल राव ने कहा, ‘यह शोधार्थियों के लिए एक सुनहरा अवसर है। अशोका और आईआईटी दिल्ली दोनों समाज की प्रगति के लिए प्रतिबद्ध हैं। दोनों संस्थान एक दूसरे की क्षमताओं से परिचित हैं और दोनों के सहयोग से शोध के क्षेत्र में उल्लेखनीय परिणाम प्राप्त होंगे।’ यह साझा प्रयास भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की पहल ‘साथी’ (सोफिस्टीकेटेड एनालिटिकल ऐंड टेक्निकल हेल्प इंस्टीट्यूट्स) की एक कड़ी है। इसके अंतर्गत, पेशेवर रूप से संचलित विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी केंद्र के रूप में साझेदारी के लिए आईआईटी, दिल्ली का चयन किया गया है। प्रो राव ने कहा कि इस केंद्र के साथ साथ कुछ अन्य उच्च एवं शोध संस्थान भी आईआईटी, दिल्ली के सोनीपत परिसर के साथ जुड़ेंगे। इन केंद्रों का अधिकतम लाभ उठाने के लिए अशोक यूनिवर्सिटी के शिक्षकों और छात्रों को आमंत्रित किया गया है।


इंडिया साइंस वायर

ISW/RM/HIN/05/03/2021

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